शुक्रवार, 8 जनवरी 2016


टमाटर की खेती कैसे करे – Tomato Farming Business


By Bhagat | September 24, 2015
अगर आप scientific तरीके से tamatar (टमाटर) ki kheti करते है तो आपको कम लगत में काफी मुनाफा हो सकता है | आज के युग में किसान टमाटर की खेती कर के लाखों में कमा रहे हैं  और आत्मनिर्भर है | अगर आप भी tamatar ka business और kheti ki jaankari जानना चाह रहे है तो आपको यहाँ पर पुरे विस्तार में information दी जायेगी | निचे पूरी tamatar ugane से ले कर, उनमे होने वाली  बिमारियों से बचाने की पूरी जानकारी दी हुई है | तो चलिए जानते है किस तरह से टमाटर की अच्छे तरह से खेती और व्यापर किया जाये |







सबसे पहले आपको यह मालूम करना होगा की आप कितना टमाटर उगाना चाहते हैं और आपके पास कितनी भूमि उपलब्ध है | उसी के अनुसार आपको खाद, दवाई, मेहनत और समय देना होगा  | वैसे तो टमाटर के business में काफी कम मेहनत लगता है परन्तु इसमें आपको अपना कीमती समय दे कर बिच बिच में निरक्षण करना होगा ताकि अच्छी पैदावार हो और आमदनी भी अच्छी हो | To chaliye dekhte hai tamatar ke business karne ke liye kin kin jankari aur chijo ka hona jaruri hai:

टमाटर में होने वाली बीमारियाँ

अर्धपतन – वैसे हर business और खेती में कुछ न कुछ रूकावटे होती है, जैसे टमाटर के खेतो में बीमारी होना जिसे अर्धपतन (aardhpatan) जो की खास कर ठंड के मौसम में होती है | इस बीमारी के होने पर मिटटी और टमाटर में फफूंद (fungus) लग जाते है और टमाटर पूरा ख़राब हो जाता है | इसके अलावे कई तरह के अन्य बिमारियों से बचाया जा सकता है | इसके साथ यह जल्द फैलने वाली बीमारी होती है जिसे रोकने के लिए उचित इंतजाम करना जरुरी है |

Is bimari ko rokne kel iye Formaldehyde ka upgyog hota hai taki tamatar mein honi wali bimariyon ko roka jaa sakte | 50 लीटर पानी में 1 लीटर formaldehyde को ले कर मिला लें और इसे टमाटर लगाने के पहेले अपने खेतों में जरुरत के अनुसार इसका छिडकाव कर लें | इस तरह से छिड़काव करे की ताकि खेतो में 7 से 10 centimeter तक गहरे तक यह भींग जाये | और इसे plastice चादर से ढक कर 2 से 3 दिनों के लिए छोड़ दें | और उसके बात मिटटी को उलट पलट कर के अगले दो दिनों तक छोड़ दे और फिर tamatar ke paudhe लगाना सुरु करें | ऐसा करने से ठंड के मौसम में होने वाली फफूंद से बचा जा सकता है | अधिक jankari के लिए आप नजदीकी कृषि विभाग में जा कर मिले |

इसके अलावा एक और तरह की बीमारी होती है जिसमे टमाटर के पौधे अचानक से मुरझाने लगते है और सुख जाते हैं | अगर इस तरह का लक्षण (lakshan) दिखता है तो आप बेवास्तिन का इस्तेमाल करे | इसके लिए 2 ग्राम बेवास्तीन को 1 लीटर पानी में मिला कर सीधे टमाटर के जड़ के पास पानी डाले और थोडा ऊपर से छिडकाव करे | ऐसा करने से इस बीमारी से बचा जा सकता है |

Leaf Curl / पत्ते मरोड़ जाना – जैसा की बीमारी के नाम से ही जाना जा सकता है, इस बीमारी के होने पर tamatar ke patte मुड़ने लगते है और थोडा झुक जाते हैं | अगर ऐसा हो रहा है तो समाज जायें की टमाटर के पौधे में Leaf Curl नामक बीमारी हो गयी है | ऐसा होने पर फौरन इस तरह के पौधे को निकाल कर, खेत से दूर, मिटटी की अन्दर दफ़न कर दें ताकि यह बीमारी दुसरे पौधे में ना फैले | अब Imidacloprid (17.8 % SL) दवा को लेकर (6 gram मात्रा) 1 लीटर पानी में मिला दें और पुरे खेतों में छिडकाव करें |



किट पतंग से बचाव – टमाटर जब बढ़ने लगते है और उसमें टमाटर आने लगे तो किट पतंग और कीड़े टमाटर के तरफ आकर्षित होने लगते है और टमाटर को नुकसान पहुचाते है | इसके रोकथाम के लिए आप शुरू में ही हर 15 टमाटर के पौधे के बाद 1 गेंदा के पौधे को लगाये | जैसा की आप जानते है, गेंदा के फूल से कई तरह की दवा बनती है और यह कीड़े को आस पास आने से रोकता भी है | इसके अलावा खेत की boundry के पास भी हर 10 फिट पर एक गेंदा का पौदा लगा दें |

टमाटर के बीज

जब आप टमाटर के खेती करने जा रहे हो तो कोशिश करे की आप Tomato Pusa 120 का ही बीज (seeds) लें ताकि आपको ज्यादा से ज्यादा टमाटर की प्राप्ति हो | यह बीज market में आसानी से उपलब्ध है |

150 से 175 ग्राम (gram) hybrid टमाटर के बीज 1 हेक्टेयर (hectare) खेत के लिए काफी है | इससेो काफी अच्छी मात्र में टमाटर मिल सकते हैं |

टमाटर के खेती के लिए खेत तैयार करे

अब आप दो तरह से खेत तैयार कर सकते है, जो की निम्नलिखित हैं :

सीधे जमें पर (flat / समतल)
उठी हुई बेड / क्यारी बना कर – इसके मिटटी को 10 से 15 इंच तक उचा उठा कर बनाया जाता है
कोशिश करे की टमाटर को क्यारी / मेड / उचा बना कर ही लगवाए ताकि आपको नुक्सान कम हो और लाभ जायदा | इससे होने वाले ट

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