रविवार, 5 नवंबर 2017

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खरीफ फसल - कपास
  कीट प्रबंधन - कपास


कीट
प्रचलित नाम
डस्की कॉटन बग
 
क्षति
  1. यह कम लगने वाला कीट है ।
  2. कीट के शिशु और वयस्क अपरिपक्व बीजों से रस चुसते है।
  3. बीजों का विकास नही होता है और अपनी अकुंरण क्षमता खो देते है।
आई.पी. एम
  1. कीटों के अण्डे,इल्ली इत्यादि को भूमि के ऊपर लाने के लिये गहरी
  2. जुताई करें जिससे ये नष्ट हो जाए।
  3. पूर्व फसल के अवशेषों को उखाड़ कर नष्ट करें।
  4. हानिकारक कीटों की विभिन्न अवस्थाओं को प्रारंभ में हाथों से एकत्रित कर नष्ट करें।
  5. नीम आधारित 5 प्रतिशत जैव कीट नाशकों का उपयोग करें।
नियंत्रण
  1. रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक क्षति स्तर को पार कर ले।
  2. मिथाइल पैराथीओन डस्ट का उपयोग प्रभावकारी है।
  3. एक किलो बीज को 5 से 10 ग्राम इमिडाक्लोप्रिड 70 डब्लू एस से उपचारित करें। या
  4. एक किलो बीज को 2 ग्राम कार्बोसल्फान 20 डी एस से उपचारित करें। या
  5. मिथाईल डेमेटॉन 25 ईसी या डाईमेथोएट 30 ईसी या मोनोक्रोटोफॉस 36 एस एल का 750 से 1000 मि.ली/हे 250 से 750 लीटर पानी मे मिलाकर मानव चलित स्प्रेयर या 25 से 150 लीटर पानी मे मिलाकर शक्ति चलित स्प्रेयर द्वारा छिड़काव करें ।

कीट
हेलिकोवर्पा आर्मीजेरा
 
प्रचलित नाम
चने की इल्ली
क्षति
  1. अगस्त - सितम्बर मे आक्रमण करता है ।
  2. बहुभोजी कीट है।
  3. ये कीट पौधे की कोमल टहनियों पर अण्डे देते है।
  4. लार्वा हरे पीले 25-30 मिमी लम्बाई के होते है।
  5. इस कीट का प्यूपा जमीन मे होता है ।
  6. ग्रसित जननांग गिर जाते है सिवाय परिपक्व डेडू के ।
आई.पी. एम
  1. प्रतिरोधक किस्मों का उपयोग करें।
  2. नत्रजन का अत्याधिक उपयोग न करें ।
  3. ट्राइकोग्रामा चिलोनिस अण्ड परजीवी के अण्डे 1.5 लाख प्रति हेक्टर बोनी के 35 दिन बाद एंव दूसरी बार एक हफ्ते बाद एंव कासोपरला जाति 50000
  4. प्रति हेक्टर एक पखवाडे के अंतराल से दो बार छोडें ।
  5. ज्वार एंव मक्के को पक्षियों को आकर्षित करने के लिए बोयें ।
  6. टी अक्षर के आकार की लकड़ी या बॉस की खूंटी परभक्षी पक्षियों को आकर्षित कर बैठने हेतु लगाए।
  7. आश्रयदायी पौधे जैसे कांगनी एंव अम्बादी को निकाल दें ।
नियंत्रण
  1. रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक क्षति स्तर को पार कर ले।
  2. प्रारंभिक अवस्था में क्वीनालफॉस, मोनोक्रोटोफॉस, क्लोरीपाइरीफॉस, कार्बोरिल का उपयोग करें।
  3. साइपरमेथिन 10 ई.सी. 600-800 मि.ली./हे या डेकामेथिन 2.8 ई.सी. 500-600 मि.ली./हे या फेनवलरेट 20 ई.सी. 350-500 मि.ली./हे 600 लीटर पानी में छिड़काव करे।
     

कीट
एमरास्का बिगुटुला हरा मच्छर

 
प्रचलित नाम
हरा मच्छर
क्षति
  1. कीट के हरे-पीले शिशु एंव वयस्क पत्ती के नीचे के भाग से रस चूसते है।
  2. कीट पत्ती के तन्तुओं पर अण्डे देते है जिससे पत्ती हल्के रंग की होकर नीचे की ओर मुड़ जाती है और सूख जाती है।
आई.पी. एम
  1. कीटों के अण्डे,इल्ली इत्यादि को भूमि के ऊपर लाकर गहरी जुताई करें जिससे ये नष्ट हो जाए।
  2. नत्रजन का अत्याधिक उपयोग न करें ।
  3. प्रमाणित और अम्ल उपचारित बीजों का उपयोग करें।
  4. पूर्व फसल के अवशेषों को उखाड़ कर नष्ट करें।
  5. हानिकारक कीटों की विभिन्न अवस्थाओं को प्रारंभ में हाथों से एकत्रित कर नष्ट करें।
  6. नीम आधारित 5 प्रतिशत जैव कीट नाशकों का उपयोग करें।
  7. आश्रयदायी पौधे जैसे कांगनी एंव अम्बादी को निकाल दें
नियंत्रण
  1. रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक क्षति स्तर को पार कर ले।
  2. जेसिड के लिए आर्थिक क्षति स्तर 3 जेसिड प्रति पौधा है।
  3. बीज को 4.5 ग्राम थायोमेथोक्सम 70 डब्लु. एस. प्रति किलो बीज से उपचारित करें। या
  4. बीज को 5-10 ग्राम 70 डब्लु. एस. इमीडोक्लोप्रिड प्रति किलो बीज से उपचारित करें।
    या 2 ग्राम 20 डी. एस. कार्बोसल्फान प्रति किलो बीज से उपचारित करें।
    या ऑक्सीडेमेटोन मिथाइल 25 प्रतिशत ई.सी. या डाईमेथोएट 30 ई.सी. या मोनोक्रोटोफॉस 36 एस.एल. 750 से 1000 मि.ली./हे 250 से 750 लीटर पानी में हाथ या पैर द्वारा संचालित स्प्रेयर के लिए और 25 से 150 लीटर पानी शक्ति चलित यंत्र के लिए।
     

कीट
सायलेप्टा डेरोगाटा
प्रचलित नाम
पत्ता मोडक
 

क्षति
  1. यह कीट पत्ती के निचले भाग में अण्डे देता है।
  2. हरे पीले लार्वा पत्तियों के नीचले भाग को खाते है और मोड़ देते है।
  3. इस कीट का प्यूपा जमीन मे होता है ।
आई.पी. एम
  1. कीटों के अण्डे,इल्ली इत्यादि को भूमि के ऊपर लाने के लिये गहरी जुताई करें जिससे ये नष्ट हो जाए।
  2. पूर्व फसल के अवशेषों को उखाड़ कर नष्ट करें।
  3. हानिकारक कीटों की विभिन्न अवस्थाओं को प्रारंभ में हाथों से एकत्रित कर नष्ट करें।
  4. नीम आधारित 5 प्रतिशत जैव कीट नाशकों का उपयोग करें।
नियंत्रण
  1. रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक क्षति स्तर को पार कर ले।
  2. ट्राइकोग्रामा चिलोनिस अण्ड परजीवी के अण्डे 1.5 लाख प्रति हेक्टेयर से कीट दिखते ही खेत मे छोड़े।एक सप्ताह के बाद पुन:छोड़े।
  3. क्रायसोपरला 50000 प्रति हेक्टेयर से कीट दिखते ही खेत मे छोड़े।एक पखवाड़े के बाद पुन:छोड़े।
  4. इंडोसल्फान 35 ई.सी. या मोनोक्रोटोफॉस 36 एस.एल. या फोजेलॉन 35 ई.सी. या मेलाथियान 50 प्रतिशत या क्विनालफास 25 ई.सी. 1000-1250 मि.ली./हे 600 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
     

कीट
एफिस गोसपी
प्रचलित नाम
माहो
  
क्षति
  1. इसका प्रकोप जुलाई से सितम्बर के बीच होता है ।
  2. अगस्त माह मे प्रकोप ज्यादा रहता है ।
  3. शिशु और वयस्क दोनों असंख्य संख्या में पत्तियों, कोमल टहनियों का रस चुसकर नुकसान पहुंचाते है।
  4. ये कीट मीठा शक्कर युक्त रसदार पदार्थ छोडते है जो पत्तियों पर जमा हो जाता है और पत्तियां चमकने लगती है। इस पदार्थ पर काली फंफूद फैलने लगती है।
  5. पत्तियां ऐठीं एंव मुडी हुई होने लगती है ।
आई.पी. एम
  1. हानिकारक कीटों की विभिन्न अवस्थाओं को प्रारंभ में हाथों से एकत्रित कर नष्ट करें।
  2. नीम आधारित 5 प्रतिशत जैव कीट नाशकों का उपयोग करें।
नियंत्रण
  1. रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक क्षति स्तर को पार कर ले।
  2. एफिड के लिए आर्थिक क्षति स्तर 15-20 प्रतिशत प्रभावित पौधे ।
  3. एक किलो बीज को 7.5 ग्राम इमिडाक्लोप्रिड 70 डब्लू एस से उपचारित करें। या
  4. एक किलो बीज को 4.5 ग्राम थायोमेथोक्सम 70 डब्लू एस से उपचारित करें।
  5. यदि 15-20 प्रतिशत पौधे एफिड से सक्रमित लगे तो 0.03 डाईमेथोएट 750 मि.ली/हे 600 लीटर पानी से छिड़काव करें।

कीट
मीली बग
प्रचलित नाम
मीली बग
 

क्षति
  1. मीली बग पत्तियों, तने आदि पर आक्रमण करती है जिससे पौधे की बढवार रूक जाती है और सूख जाता है।
आई.पी. एम
  1. कीटों के अण्डे,इल्ली इत्यादि को भूमि के ऊपर लाकर गहरी जुताई करें जिससे ये नष्ट हो जाए।
  2. पूर्व फसल के अवशेषों को उखाड़ कर नष्ट करें।
  3. हानिकारक कीटों की विभिन्न अवस्थाओं को प्रारंभ में हाथों से एकत्रित कर नष्ट करें।
  4. प्रतिरोधक किस्मों का उपयोग करें।
  5. नीम आधारित 5 प्रतिशत जैव कीट नाशकों का उपयोग करें।
नियंत्रण
  1. रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक क्षति स्तर को पार कर ले।
  2. बहुत सारे कोक्सीनिडिस, सिरफिटस, क्राइसोपिरिया परला आदि कीट मिलीबग को खा जाते है।
  3. डाईक्लारोवॉस या एसीफेट का उपयोग करें।
  4. एसीफेट 290 ग्राम ए आई/हे का भुरकाव करें।
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